नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए बच्ची के अपहरण के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपी ने बच्ची की बलि देने के लिए उसका अपहरण किया था। हालांकि पुलिस ने समय रहने बच्ची को ढूंढ निकाला। .इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला नोएडा के थाना सेक्टर 63 के छिजारसी गांव का है।
छिजारसी निवासी शत्रुघ्न कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि रविवार को उनकी सात वर्षीय भतीजी घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान वह अचानक गायब हो गई। परिजनों ने बच्ची के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और बच्ची तक पहुंच गई। पुलिस ने बच्ची को बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक़, मुख्य आरोपी सोनू है, जिसकी उम्र 25 साल है। पुलिस पूछताछ में आरोपी सोनू वाल्मिकी ने खुलासा किया कि काफी समय से उसकी शादी नहीं हो रही थी। इस वजह से वह तनाव में रहता था। सोनू ने बताया कि उसका नजदीकी रिश्तेदार बागपत के खामपुर लोहारी निवासी सतेन्द्र उर्फ सोनू तांत्रिक है।
सतेंद्र ने सोनू को बताया कि होली पर शुभ मुहुर्त है। देवताओं को खुश करने के लिए एक बच्चे की बलि देनी होगी। बलि देने के बाद जल्दी ही शादी हो जाएगी। इसके बाद मुख्य आरोपी सोनू व उसके साथी नीटू ने 13 मार्च को छिजारसी कॉलोनी से 7 वर्षीय बच्ची का अपहरण किया था। ताकि होली पर उसकी बलि दे सके। आरोपी सोनू छिजारसी कॉलोनी में ही बच्ची के पड़ोस में रहता है।



