ग्वालियर, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में डॉक्टर्स की लापरवाही से एक महिला की दो बार मौत हुई है। यहां डॉक्टर्स ने ज़िंदा महिला को मृत घोषित कर उसे शव परिक्षण गृह भेज दिया। जब महिला को मृत समझकर फ्रीजर में रखवा रहे थे, तभी पति का हाथ उसके सीने पर पड़ा और उसे उसकी धड़कन चलती हुई मिली। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद परिवार ने हंगामा शुरू किया।
ये भी पढ़ें- Whatsapp पर होती थी डील, फिर ग्राहकों के पास भेजी जाती थी विदेशी लड़कियां
घटना ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल की शुक्रवार शाम की है। इस घटना के 18 घंटे के बाद महिला की मौत हो गई। दरअसल, उत्तर प्रदेश के महोबा के रहने वाले निरपत सिंह राजपूत की पत्नी जामवती दो दिन पहले बाइक से गिर गई थी। उसे छतरपुर के हरपालपुर के अस्पताल ले गए। वहां से झांसी के लिए रेफर कर दिया गया। झांसी में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। फिर यहां से गुरुवार दोपहर ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
ये भी पढ़ें- नहाते वक्त वीडियो बनाया ,फिर वायरल करने की धमकी देकर करता रहा रेप।
महिला के पति निरपत सिंह का कहना है कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे से ही डॉक्टरों ने इलाज बंद कर दिया था। 4.30 बजे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जब सांस चलते देखी तो वहां ले गए। फिर उन्होंने इलाज शुरू कर दिया। इसके 18 घंटे बाद उसने फिर दम तोड़ा। परिजनों का कहना है कि मृत मानकर इलाज बंद कर देना गंभीर लापरवाही है। यदि इलाज मिलता रहता तो शायद वो जिंदा होती। निरपत ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं, एक की उम्र 8 साल है और दूसरे की 15 साल। पत्नी की मौत के बाद उनका क्या होगा।
ये भी पढ़ें- लापता वृद्धा की लाश मिली हौज में,दिन भर तलाशते रहे घरवाले,पति की मौत के बाद से थी अवसाद में।
JAH अधीक्षक डॉ आरकेएस धाकड़ का कहना है कि यह गंभीर लापरवाही है। पूरे मामले की जांच के लिए टीम बना दी है। जल्द जांच कर मामले में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। अभी डॉक्टर को हटाने के लिए कह दिया है।



