एटीएम काटकर डकैती करता था मेवात गैंग, पांच आरोपी गिरफ्तार

0
173

खरगोन: एटीएम काटकर पैसों की लूट और डकैती करने वाले मेवात गैंग का मध्यप्रदेश की खरगोन पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो सदस्य फरार हो गए हैं। ये गैंग सुनसान जगह लगे एटीएम को काटकर उससे पैसे लूटकर फरार हो जाता था। आरोपियों के पास से पुलिस ने देशी कट्टे, एटीएम काटने के औजार, लग्जरी कार और एक ट्रक बरामद किया है।

ये भी पढ़ें- सड़क किनारे खड़े ट्रक को तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर, ड्राइवर की मौत

दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि खरगोन के कसरावद में इंदौर रोड स्थित SBI का एटीएम साइड से कटा हुआ है और उसमें से धुंआ निकल रहा है। इसके साथ ही एटीएम में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों में से दो टूटे हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो पता चला कि एटीएम काटकर पैसे निकाले गए हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को बिना नंबर की एक सदिग्ध क्रेटा कार घुमती हुई दिखाई दी।

इसके बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की और राजस्थान के झालावाड़ से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर ट्रक ड्राइवर को भी पुलिस ने पकड़ लिया है, लेकिन दो आरोपी फरार हो गए। आरोपियों के कब्जे से दो देशी कट्टे सहित एक कार, एक ट्रक और बड़ी मात्रा में एटीएम काटने के औजार जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है।

ये भी पढ़ें- शादी से इनकार करने पर युवती का अपहरण, SI बनकर पिता को किया था फोन

कार से करते थे ATM की रेकी

Mewat gang

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गैंग के सदस्य क्रेटा कार से एटीएम की रेकी करते थे। गैंग के निशाने पर सुनसान जगहों पर लगे एटीएम होते थे। आरोपियों ने बताया कि उनके पास एक ट्रक भी है, जिसे वह शहर के बाहर किसी ढाबे पर खड़ा कर देते थे। इसके बाद जब भी किसी एटीएम में लूट करनी होती थी, तब ट्रक से एटीएम काटने से औजार ले जाते थे। इससे 2 से 3 मिनट में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।

कई राज्यों में कर चुके हैं वारदात

आरोपियों ने बताया कि गैंग मध्यप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान सहित कई राज्यों में एटीएम लूट की वारदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपियों ने बताया कि उनकी कार और ट्रक में कई किलोमीटर का अंतर रखा जाता थम ताकि किसी को शक ना हो। इसके साथ ही पुलिस से बचने के लिए गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे।

 

 

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here