सीएम हाउस में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी, गिरोह की मास्टरमाइंड है महिला

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इंदौर: इंदौर पुलिस ने ऐसे गैग का पर्दाफ़ाश किया है, जिसनें वल्लभ भवन में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों कि ठगी की है। आरोपियों ने खुद की पहचान भोपाल के वल्लभ भवन और सतपुड़ा भवन में बताई थी। फरियादी मनीष को चपरासी की नौकरी दिलाने की बात कहकर आरोपियों ने उससे पांच हजार रूपये ले लिए और फर्जी लैटर दे दिया।

बानगंगा पुलिस के मुताबिक़ नार्थ गाडराखेड़ी के रहने वाले मनीष होइफोर्ड कि शिकायत पर हरजीत कौर उर्फ रानी, उसका पति बलजीत सिंह निवासी भोपाल, यशपाल सिंह लेल उर्फ सोनू निवासी स्कीम 51, इंदौर और सलमान पिता यूसुफ के खिलाफ के दर्ज किया है। मनीष ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने वल्लभ भवन में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे संपर्क किया था।

आरोपी यशपाल ने अलग-अलग हिस्सों में उससे साढ़े पांच लाख रुपये ले लिए। जांच में ये बात सामने आई है कि रानी से उससे वल्लब भवन में संबंध होने कि बात कही थी। शुरुआत में उसे तीन लाख रूपये ले लिए फिर और पैसे लगने कि बात कहकर ढाई लाख रूपये ले लिए। बाद में सतपुड़ा भवन का फर्जी नियुक्ति पात्र पकड़ा दिया।

दरअसल, मनीष और यशपाल के दोस्त हैं। 2018 में यशपाल ने मनीष से कहा कि बरखेड़ी भोपाल में रहने वाली बुआ रानी के वल्लभ भवन में पहचान , तेरी नौकरी लग जाएगी। पैसा लगेगा। मनीष बारहवीं पास है, उसने दस्तावेज के साथ तीन लाख रुपए दे दिए। इसी बीच कहा गया कि खर्चा और लगेगा, तभी नौकरी मिल पाएगी।

मनीष ने होम क्रेडिट और एचडीएफसी बैंक से कर्जा ले लिया। भाई और पिता की जमापूंजी भी उसे दे दी। करीब साढ़े पांच लाख रुपए दे दिए। ठगोरों ने मनीष को सतपुड़ा भवन में बाबू पद पर नियुक्ति का फर्जी लेटर दे दिया। पहले उसे चपरासी बनाने के लिए कहा था। बाबू का लेटर देकर दोस्त बोला कि तेरी किस्मत चमक गई है। नौकरी ज्वाइन करने भोपाल पहुंचा, तो जानकारी मिली कि लेटर फर्जी है। मनीष ने यशपाल से बात की तो वो कहने लगा कि अगर तुम रिपोर्ट लिखाओगे तो पैसा नहीं मिलेगा।

 

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